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शनिवार, 4 जुलाई 2020

Hindi Kahani - कार का इंतेज़ार.. Blog #मनु की कहानियां

 

अब तक मेरी उम्र 35 साल हो गई थी। मैं अपनी ज़िन्दगी से बहुत खुश था।

ज़्यादा कुछ चाहिए भी नही था। बहुत मौज और आराम से समय कट रहा था।

आने-जाने के लिए, मेरे पास एक मोटरसाइकिल थी।

जब भी किसी उत्सव में जाना होता तो अपनी मोटरसाइकिल से पहुंच जाता।

सारे छोटे-मोटे काम भी मोटरसाइकिल से ही हो जाया करते।


Hindi Kahani - कार का इंतेज़ार..

लेकिन गाहे-बागाहे एक सवाल अक्सर मुझसे पूछा जाता की "आप आये कैसे  हो ?" मेरा जवाब होता, " मैं अपनी मोटरसाइकिल से आया हूँ "।

मुझे लगा शायद ये एक सामान्य सा प्रश्न है और इस प्रश्न का जीवन में कुछ महत्व नही है।

लेकिन मैं बहुत गलत था।

धीरे-धीरे समझ आने लगा की आपकी उम्र के साथ आपकी सवारी का बदलना भी अत्यंत आवश्यक है।

नहीं तो समाज में आपकी इज़्ज़त में कहीं ना कहीं कमी आने लग जाती है। 

मेरे साथ के दोस्त भी मुझसे मिलते और अपनी अपनी नई कारों के बारे में बताते।

अब तो कुछ दोस्तों ने मुझे अपने छोटे-मोटे समारोह में बुलाना भी बंद कर दिया था।

अब मैंने कसम खा ली। कार में, होना ही है सवार

सारे कारों के डीलर्स से बात-चीत शूरू कर दी। सभी कारों के रेट लिस्ट भी तैयार हो गए।

लेकिन अपने माली हालत के अनुसार तो कोई पुरानी कार ही हाथ आ रही थी।

अब तलाश शूरू हुई, पुरानी कार की। बहुत दिन लग गए लेकिन कुछ ढंग का ना मिला ।


Hindi Kahani - कार का इंतेज़ार..

दोस्तों ने सलाह भी दी, की "पुरानी कार से मुसीबत है, बहुत ज़्यादा खर्चा होगा इतने में तो नई कार ले लो"।

समझ में ही नहीं आ रहा था के क्या करें। सवाल तो अपनी कम होती लोकप्रियता का था।

अब हिम्मत करके एक कार का सौदा पक्का किया और देखने पहुँच गए।

कार मालिक ने पुरानी कार को अच्छी तरह साफ करके और चमका कर तैयार किया हुआ था ।

मानो कोई दूल्हा अपनी दुल्हन लेने जा रहा हो। देखते ही कार पसंद आ गई। अब यही लेकर जायंगे।

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थोड़ा बहुत पैसो को लेकर मोल भाव हुआ और फिर अपनी नई सवारी को लेकर

मैं अपने एक मित्र के साथ, सीधा घर वापस आ गया। अब हम भी कार वाले हो गए थे जनाब।

हालाँकि शादी या किसी समारोह में अब जब भी ये सवाल पूछा जाता है, "आप आये कैसे है ?"

अपना अब तो एक ही जवाब होता है, जी हम खुद की कार से आये है।

लोकप्रियता फिर से बढ़ गई। अब निमंत्रण पर जाने का मज़ा दोगुना हो गया है।




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