Hindi Kahaniya - जाने से पहले !! Blog by Manu || #kahanidiet.in - Hindi Kahani - मनु की कहानियां !!

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शनिवार, 20 जून 2020

Hindi Kahaniya - जाने से पहले !! Blog by Manu || #kahanidiet.in


यह आप-बीती मुझे मेरी एक मित्र ने सुनाई थी, कुछ ही दिन पहले।

अब मैं वही कहानी, उस के शब्दों में आप तक पहुँचा रहा हूँ। कहानी कुछ यूं है.......... 

शाम का समय था,  फ़ोन की घंटी बजी। आज ना जाने कुछ ठीक सा नही लग रहा था, जैसे कुछ होने वाला है।

फ़ोन  पर जो नंबर दिखाई दे रहा था, उसे मैं नहीं जानती थी।

मैंने फ़ोन उठाया, उधर से किसी लड़की ने कहा, आपके पापा का

गाड़ी से दुर्घटना हो गयी है

और उन्हें दिल्ली के आर्मी बेस अस्पताल में एडमिट किया गया है।

 

Hindi Kahani - जाने से पहले !!

मेरे पापा सेना से सेवा-निवृत अधिकारी थे। अब मुझे मेरा डर सच होता नज़र आ रहा था।

मैंने बिना समय गवाएं टैक्सी ली और सीधा अस्पताल पहुंच गयी। वहां मेने देखा कि पापा का ट्रीटमेंट चल रहा है।

मैं बाहर ही इंतजार करने लगी। तब तक मेरा भाई और कुछ रिश्तेदार भी वहां आ गए।

कुछ समय बाद डॉक्टर ने मुझे पापा से मिलने की इजाज़त दे दी।

मेरी आँखों से आँसू रुक ही नही रहे थे।

मैंने बहुत चाहा की ऐसे उनके सामने ना जाऊं। पर हो ना सका।

पापा ने मुझे देख कर आँखें खोली और बोले, "बेटा, अब तेरे पापा गए। "  ना जाने उन्होंने ऐसा क्यूँ कहा।

मैं उनके गले लग कर रोने लगी। अब तक सभी अंदर कमरे में आ गए और पापा से बातें करने लगे।

वो अब ठीक नज़र आ रहे थे। सबने मुझे घर जाने को कहा, क्योंकि रात बहुत हो चुकी थी।

 

Hindi Kahani - जाने से पहले !!

मैं ऑटो से घर आ गयी। रात को रोते रोते जाने कब आंख लग गई,

पता ही ना चला। थोड़ी देर बाद अचानक मुझे लगा, किसी ने ज़ोर से घर में रखी अलमारी को हिलाया है।

मेरी आंख खुल गयी। मैंने दोबारा सोने की कोशिश की, कुछ समय बाद फिर ऐसा ही हुआ।

ना जाने मुझे डर नही लग रहा था। एक एहसास हो रहा था, की मेरे पापा जैसे आस पास ही है।

जैसे मैंने उन्हें देखा अभी अपने कमरे में, मुस्कुराते हुए। एक-दम स्वस्थ।

एक पल को लगा शायद ये कोई सपना है।

ना जाने कब दुबारा नींद आ गयी।  मैंने समय तो नहीं देखा था।

 

 Hindi Kahani - जाने से पहले !! 

सुबह मेरी ज़िंदगी में भुचाल आ गया। सब उथल पुथल हो गया,

जब मेरे भाई का फ़ोन मुझे आया। "पापा हमे छोड़ कर चले गए..."।

शायद उन्हें पहले ही ये एहसास  हो गया था, तभी उन्होंने मुझे ये बता दिया था, कि वो अब जाने वाले हैं।

 

लेकिन वो अपनी प्यारी बेटी से मिलने ज़रूर आये थे, मुझे पता  है। आखरी  बार, "जाने से पहले"

हाँ वही थे जो रात को मुझसे मिलने आये थे।

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एक बेटी और पापा के प्यार को समर्पित...।




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