अभी 12वीं कक्षा के नतीजे आने वाले थे और मन ही मन मैंने निर्णय ले लिया था कि किस कॉलेज में प्रवेश लेना है। दक्षिण दिल्ली के एक जाने-माने कॉलेज के विषय में मैंने अपने बड़े भाई और उसके दोस्तों से बहुत कुछ सुना हुआ था। मैंने निर्णय ले लिया था की अब तो इसमें ही आगे की पढाई पूरी करनी है।
12वीं कक्षा के नतीजे भी आ गये और मैंने दक्षिणी दिल्ली स्तिथ उस प्रसिद्ध कॉलेज में प्रवेश लिया। यही मेरे सपनों का कॉलेज था। मैं अत्यंत उत्साहित था, जिसके विषय में मैंने बचपन से सुना था, आज मैं उस कॉलेज में पढ़ने जा रहा हूँ । मैंने कॉलेज के पहले दिन की तैयारी शुरू कर दी।
जैसे ही मैंने कॉलेज में प्रवेश किया, मन अत्यंत उत्साहित था। मुझे लगा की शायद कॉलेज के वरिष्ठ विद्यार्थी रैगिंग करेंगे और ना जाने क्या-क्या करवाएंगे। लेकिन ऐसा कुछ ना हुआ। धीरे-धीरे 2 हफ़्ते बीत गए।
फिर एक दिन अचानक मुझे कुछ वरिष्ठ विद्यार्थियों ने कहा, 'सुनो जूनियर, अपना परिचय दो और थोडा नृत्य भी कर के दिखाओ'। सच कहूँ मैं मन ही मन खुश था । चलो कुछ तो मज़ा आने वाला है।मैंने एक-एक फिल्मी गाने पर थोड़ा हिल-डुल के दिख़ा दिया और सब हंस पड़े । अब ये सभी मेरे मित्र बन गये और किसी भी ज़रूरत के समय साथ देने का वादा भी कर गये।
मेरी कक्षा में सभी अच्छे विद्यार्थी थे और उनमें से कुछ मेरे ख़ास मित्र भी बन गये। हम अक्सर साथ-साथ अपने विषय की किताबें ख़रीदने जाया करते, एक ख़ास जग़ह की चाट खाने जाना, साईं बाबा मंदिर जाना और काफी समये कॉलेज के ऑडिटोरियम में बैठ कर बिताना, कैंटीन में ब्रेड -पकौड़े खाना, ये सब हमारी दिनचर्या का हिस्सा था।
कॉलेज के चुनाओं के दिनों में बहुत मजा आया करता था, नारे लगाते झुंड और बॉलीवुड के हीरो-हीरोइन की फोटो वाले पॉकेट कैलैंडर्स, उम्मीद्वारों की तस्वीरें आपको हर तरफ मिल जाएँगी। कॉलेज में बिताया हर लम्हा यादगार है । एक कभी ना भूलने वाला लम्हा, हमेशा मेरे साथ है।
तो कैसी लगी आपको ये कहानी, ऐसी ही मनोरंजक कहानिया पढ़ने के लिए आते रहे इस ब्लॉग पे hindify.xyz...

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