बहुत समय पहले एक जंगल में तीन दोस्त थे।
एक कछुआ, एक कौआ और चूहा। वे बहुत अच्छे दोस्त थे।
वे हमेशा एक दूसरे की मदद करते थे। एक दिन जब वे झील के पास बैठे थे और बातें कर रहे थे।

एक हिरण उनके पास आया। जंगल में पहली बार हिरण को देखने पर कछुए ने कहा "तुम नए हो क्या ?
मैंने तुम्हे इस जंगल में पहले कभी नहीं देखा है"
हिरण ने कहा, "मैं इस जंगल में नया हूं, पहले मैं जिस जंगल में रहता था। वहां मेरा कोई दोस्त नहीं था।
मैंने दूसरे जानवरों से दोस्ती करने की कोशिश की लेकिन कोई भी मेरा दोस्त नहीं बनना चाहता था।
इसलिए मैं वो जंगल छोड़कर यहां आया हूं।" कछुआ, कौआ और चूहा
एक-दूसरे को देखने लगे और मुस्कुराने लगे और मुस्कुराते हुए कहने लगे,
"पहले हम सिर्फ तीन दोस्त थे लेकिन अब हम चार हैं "। हिरण उनका दोस्त बन गया।
अगले दिन वो सभी चारों अलग-अलग दिशाओं में भोजन की तलाश में गए।
शाम तक वे एक ही स्थान पर मिलते थे। सब कुछ दिनों के लिए उसी तरह सामान्य रहा।
एक दिन हिरण शाम को नहीं लौटा। अब तीनों दोस्त चिंतित हो गए।
कौए ने कहा, "मैं उड़ सकता हूं और काफ़ी दूर तक देख सकता हूँ। "
कौआ हिरण को खोजने के लिए निकल गया। थोड़ी देर भटकने के बाद,
कौए ने एक आवाज़ सुनी, उसने नीचे की ओर देखा तो पाया की हिरण एक जाल में फंसा हुआ है।
उसको अकेला पाके वो अपने दोस्त के पास नीचे चला गया। हिरण ने मदद मांगी।
बिना समय गंवाए वह कछुए और चूहे के पास वापस उड़ गया जो उसका इंतजार कर रहे थे।
कौए ने उन्हें पूरी स्थिति सुनाई " एक शिकारी ने हिरण को जाल में कैद कर लिया है,
इससे पहले कि शिकारी उसके पास आए, मित्र चूहे! तुम मेरे साथ चलो और अपने तेज दांतों से जाल काट दो।"
कौआ और चूहा मौके पर पहुंच गए। चूहे ने जल्दी से जाल खोला और हिरण को मुक्त कर दिया।
तभी कछुआ भी वहां पहुंचा और फिर अचानक शिकारी मौके पर लौटा।
चूहे ने शिकारी को दूर से ही देख लिया, शिकारी को करीब आता देख सभी दौड़ने लगे।
कौवा उड़ गया, चूहा एक निकटतम छेद के लिए दौड़ा और हिरण झाड़ियों के अंदर दौड़ गया।
कछुआ न तो चल ही सका और न ही छिप सका। शिकारी ने कछुए को एक बोरी में डाल दिया और उसे उठा ले गया।
कुछ समय बाद हिरण, चूहा और कौआ एक ही स्थान पर इकट्ठे हुए, उन्होने एक योजना बनाई।
और योजना के अनुसार, जब वे झील के किनारे पहुंचे तो हिरण ने मृत होने का नाटक किया
और कौआ हिरण की आंखों को खाने का नाटक करने लगा।
चूहा सही समय के लिए झाड़ियों में इंतजार करने लगा। शिकारी मौके पर पहुंचा
तो देखा कि हिरण सड़क पर मृत पड़ा है। शिकारी लालची हो गया और हिरण को पकड़ने के लिए आगे बढ़ गया।
जैसे ही शिकारी बोरी से दूर हुआ, चूहा उधर गया और उसे कुतरना शुरू कर दिया।
जिस क्षण शिकारी हिरण के करीब आया, कौआ उड़ गया।
हिरण उठकर भाग गया शिकारी यह समझने में नाकाम रहा कि ये सब क्या हो रहा है,
अब तक चूहे ने भी कछुए को बोरी से मुक्त कर दिया था। वे तुरंत झाड़ियों की ओर भागे।
शिकारी वापस आया बोरी लेने के लिए तो उसे पता चला कि बोरी खुली हुयी थी और कछुआ भाग गया था।
कछुआ, हिरण, चूहा और कौआ खुशी-खुशी फिर से मिल के रहने लगे।

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